Sunday, 12 July 2026

शायरी : क़िस्त 003

 शायरी : क़िस्त 003

एक शे’र --

तू इधर उधर की न बात कर, यह बता कि क़ाफ़िला क्यों लुटा ,

हमे रहजनों से गिला नहीं , तेरी रहबरी  का सवाल  है ।

-शहाब जाफ़री -


ऐसे ही मशहूर-ओ-मा’रूफ़ अश’आर आप यहाँ सुन सकते हैं-


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-आनन्द.पाठक ’आनन’-

880092 7181

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