Sunday, 12 July 2026

शायरी : क़िस्त 002

शायरी : क़िस्त 002

एक शे’र है----

बग़ैर पूछे जो अपनी सफ़ाई देता है ,

नहीं भी हो, तो भी मुजरिम दिखाई देता है।

-सुरेश चन्द्र ’शौक़’- 

ऐसे ही मशहूर-ओ-मा’रूफ़ अश’आर आप यहाँ सुन सकते हैं-


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www.youtube.com/@33akp

-आनन्द.पाठक ’आनन’-

880092 7181


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